गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और सब्ज़ी उत्पादन को बढ़ावा। किसानों को प्रशिक्षण और संगोष्ठियों से बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाता है।
टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और स्वास्थ्य परीक्षण। गुणवत्तापूर्ण नस्ल उपलब्ध कराकर आय बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता।
किसानों को लाह की खेती हेतु पौधारोपण, देख-रेख और विपणन सहयोग। कार्यशालाओं और लाह महोत्सवों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है।
गुणवत्तापूर्ण मछली बीज, तालाब सुधार और प्रबंधन की सुविधा। मत्स्यपालन कार्यशालाओं के जरिए ग्रामीणों को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना।
समूह संग्रहण और थोक विक्रेताओं तक पहुँच। किसानों के उत्पादों को स्थानीय और बाहरी बाज़ार से जोड़कर उचित मूल्य दिलाना।
सिंचाई की सुविधाएँ, चेक डैम, तालाब और वर्षा जल संचयन। किसानों को सतत खेती के लिए जल संरक्षण तकनीक उपलब्ध कराना।
ग्रामीण उद्यम और स्वरोज़गार को बढ़ावा। बांस, लकड़ी, टसर और हस्तशिल्प आधारित लघु उद्योगों के लिए प्रशिक्षण और सहयोग।
किसान क्लब और महिला समूहों का प्रशिक्षण। जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन और कृषि यंत्रों की उपलब्धता।